Marham – Divyam Sodhi Lyrics
आलम खो बैठे, उनके इश्क़ में
ज़माने भूले बैठे, उनके इश्क़ में
उनकी आवाज़, जैसे दवा…
कहो कि मुझे पुकारे।
उनकी आवाज़, जैसे नशा…
कहो कि दे वो सहारे।
मरहम, मरहम, मरहम, मरहम…
उनकी आवाज़
मरहम, मरहम, मरहम, मरहम…
उनकी आवाज़।
हर साँस में है, याद में है
आहटें तेरी
हर रंग में है, संग रहती
चाहतें तेरी…
कुछ खिड़कियाँ मेरी भी
तस्वीरें उनकी भी
प्यार के घर में…
सपनों की दुनिया सी
खुशबू है फूलों की
प्यार के घर में…
उनकी आवाज़, जैसे दवा…
कहो कि मुझे पुकारे।
उनकी आवाज़, जैसे नशा…
कहो कि दे वो सहारे।
मरहम, मरहम, मरहम, मरहम…
उनकी आवाज़
मरहम, मरहम, मरहम, मरहम…
उनकी आवाज़।
हर साँस में है, याद में है
आहटें तेरी…
हर रंग में है, संग रहती
चाहतें तेरी…
मरहम, मरहम, मरहम, मरहम…
Marham, de Divyam Sodhi (lançada em 16/07/2026), comp.: Aditi Raj – balada sobre cura emocional, com voz envolvente











